आज के शिक्षा प्रणाली ने किया शर्मसार : रुना

रूना मिश्रा शुक्ला सामाजिक कार्यकर्ता

रांची: रांची विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंड़प और रांची कॉलेज के दीवाल को कैसे-कैसे सुसज्जित किया गया है आप सब भी गौर करें। उक्त बातें समाजसेवी रुना मिश्रा शुक्ला ने कहीं। उन्होंने आज के समय की शिक्षा प्रणाली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि
रांची कॉलेज रांची छात्र संघ ने अपने करकलमों से अपनी लेखनी प्रतिभा को दर्शाया है। लेकिन इस रास्ते से हर दिन कई प्रोफेसर और तथाकथित बुद्धिजीवी गुजरते हैं । क्या उन्होंने कभी गौर नहीं किया। या तो इस अलगाव वाद और आतंकवाद या कहें जातिवाद इन्हीं विषयों को आजकल विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में पढ़ाया और सिखाया जाता है।
रुना ने रांची विश्वविधालय से अनुरोध किया है कि इस तरह के लिखे शब्दों और वाक्यों को मिटावे और अच्छे कोट लिखावे। ऐसा नहीं होने से हम खुद उसे रंगकर वहां अच्छे शिक्षाविद् के कोट लिखेगे। उन्होंने कहा कि एक समय जब राँची कॉलेज और राँची विश्वविद्यालय ने बड़े-बड़े शिक्षाविद् को जन्म दिया जिन्होंने भारत में ही नहीं विदेशों में भी अपना और आरयू की पहचान बनाई । और आज के शिक्षकगण यह कौन पौध तैयार कर रहे हैं?
आज हमें आत्ममंथन करने की जरुरत है। आज के छात्र कल शिक्षक बनेंगे या दंगई बन कर अपने आप को और देश को गर्त में पहुँचायेंगे?? समय से पहले हम और हमारे शिक्षा प्रणाली का जागना बहुत जरुरी है।

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