गिरफ्तारी कहीं से, जेल भेजा कहीं और से, जांच का अनुरोध

अमरेन्द्र सुमन

दुमका: गिरफ्तारी कहीं, जेल भेजा कहीं और गिरफ्तारी दिखलाकर। शिवपुरी (केवटपाड़ा) दुधानी, दुमका निवासी नीलम देवी ने पुलिस उप महानिरीक्षक संपप्र दुमका से जामा थाना कांड संख्या 95/ 2018 के आलोक में आवेदन देते हुए एक उच्चस्तरीय जाँच टीम गठित कर गिरफ्तारी करने वाले पुलिस पदाधिकारी सहित संदिग्घ भूमिका वाले लोगों की साजिशों से पति कैलाश पासवान के साथ न्याय की गुहार लगाई है। डीआईजी, संपप्र दुमका को दिये आवेदन में नीलम देवी ने कहा है कि आईपीसी की धारा 384, 386, व 34 के तहत उनके पति को गिरफ्तारी कर जेल भेज दिया गया है। मुफस्सिल थाना दुमका के पुलिसकर्मियों की भूमिका को संदेहास्पद कहते हुए नीलम देवी ने अपने आवेदन में कहा है कि जब पुलिस उसके पति को गिरफ्तारी कर मुफस्सिल थाना ले गयी तो कांड का सूचक विकास कुमार महतों ने यह साफ कर दिया था कि कैलाश पासवान अभियुक्त नहीं है  तथापि पुलिस वालों ने उसे धमकाते हुए कांड का मास्टर मांइड मेरे पति को बना दिया।

आवेदन में नीलम देवी ने यह भी कहा कि उसके पति को गिरफ्तार करने घर पहुँची दो मोटरसाइकिल पर 3 पुलिस थे जिसमें दो सिविल ड्रेस व तीसरा पुलिस वर्दी में था। उसके पति के साथ पहले मारपीट की गई और बाद में गाली देते हुए उनकी मोटरसाइकिल जब्त कर ली। नीलम देवी ने कहा कि उसके पति एक ड्राईवर हैं जो तिवारी बाबा की कम्पनी में गाड़ी चलाते थे। कुछ दिनों पूर्व उन्होंने नौकरी छोड़ दी। नीलम देवी का आरोप है कि ड्राईवर की नौकरी के दौरान ही जामताड़ा निवासी जयन्तो बनर्जी के विरुद्ध उन्होंने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायालय, जामताड़ा में एससी/ एसटी -10/ 18 के तहत एक मामला दर्ज करवाया है। व्यवहार न्यायालय दुमका में भी उपरोक्त के पीसीआर – 340/ 18 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है जिसपर संज्ञान भी लिया जा चुका है। कम्पनी के मालिक से सांठ-गांठ कर उपरोक्त मामलों के अभियुक्त ने मेरे पति पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया। इन्कार करने पर कम्पनी के मालिक ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया और झूठे मुकदमें में फंसाकर जेल भेजवा दिया।

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