अधिकार ही नहीं कर्तव्य की भी जानकारी दें

_समृद्ध झारखण्ड टीम_


रांची: राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो की एक दिवसीय कार्यक्रम में राज्यभर के पदाधिकारी रातू के स्थानीय रिसोर्ट में उपस्थित हुए। जहां संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रणधीर कुमार ने संगठन की उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए और आगे की रूप रेखा तैयार कर समाज में अपना दायित्व को पूरा करने का रणनीति बनाया। इस कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आये पदाधिकारीगण ने सामने आने वाले समस्याओं से अवगत करवाया।

कितना बदला है येसब देखना चाहते हैं, कितना बदलें हैं इसपर नजर डालने की शुरुवात करनी है। हमें रेस का घोड़ा नहीं बनना है हम इंसान हैं इसलिए हमें इंसानियत को जिन्दा रखना है और इंसानियत के लिए ही काम करना है। उक्त बातें राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो के राष्ट्रीय अध्यक्ष रणधीर कुमार ने कहीं। उन्होंने संगठन के विभिन्न कार्यक्रमों पर प्रकाश डालते हुए दिल्ली के कार्यक्रम का जिक्र किया। जिसमें झारखण्ड की मानव तस्करी की समस्या आकड़ों के साथ प्रस्तुत की। उन्होंने कहा की जहाँ भी मानव तस्करी होते हैं वहां शिक्षा और रोजगार ही मुख्य कारण देखें गए हैं इसलिए हमें शिक्षा और रोजगार पर काम करना है।

वहीं संगठन की प्रदेश महिला अध्यक्ष रुना शुक्ला ने अपने काम के दौरान आये बाधाओं को पदाधिकारियों के बीच साझा करते हुए कहा की कई बार आपके साथ भी ऐसी घटनाएं घटेंगी जो आपके लिए रुकावट को जन्म दे सकती हैं। उन्होंने मानव तस्करी पर कई उदहारण देते हुए बताया की कई बार मानव तस्करी का ढंग बदल जाता है। मानवाधिकार का हनन शारीरिक शोषण और डायन प्रथा भी है। हम इन अपराधों को खत्म तो नही कर सकते लेकिन इस बैनर तले रहकर आप सबों से कमी जरूर ला सकते हैं। उन्होंने पोक्सो एक्ट, जीरो एफआईआर और विशाखा गाइडलाइन के बारे में जानकारी दी।

महिला प्रदेश सचिव ज्योति कुमारी ने पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता को सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करने का आवाहन किया। कहा की ये दोनों मात्र पेशा नहीं कर्तव्य है, दोनों को ही खतरों से खेलना पड़ता है।

वहीं समृद्ध झारखण्ड के निदेशक सुमित कुमार ने नव मनोनीत पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और अपनी उत्तरदायित्व पर खरा उतरने की अपील की।

मनोनयन पत्र देते पदाधिकारीगण

कार्यक्रम का संचालन करते हुए ब्यूरो के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष सुभाष कुमार ने मानवाधिकार पर प्रकाश डालते हुए आये हुए आंगतुकों को बोलने का अवसर दिया। जिसमें सह सचिव मनोज मंडल ने कहा की हमें ऐसा काम करना है जिससे की हमारी छवी अन्य संगठन से बिलकुल अलग और ईमानदारी के लिए जानी जाय।

  • वहीं लातेहार जिला महासचिव ओमप्रकाश ने कहा की अपनी अंदर की संकोच को दूर करके लोगों के बीच जाकर लोगों उनकी समस्याओं को सुने और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर समाधान निकालें।
  • राष्ट्रीय संगठन सचिव सुबोध कुमार ने कहा की समय-समय पर सेमिनार व कार्यक्रम करने से हमें पॉवर प्लस मिलता है।
  • वहीं चंचला कुमारी ने रुना शुक्ला के आदर्शों से खुद को प्रेरित बताते हुए संगठन में जुड़ने का सहमति जताया और मानवाधिकार पर प्रकाश डाला।
  • खलारी अध्यक्ष महेश गंजू ने शहर से दूर जंगलों में रहने वाले लोगों के मानवाधिकार की बात की एवं उनकी समस्याओं पर काम करने का आवाहन किया।
  • धनबाद जिला सचिव शिवेश विश्वकर्मा ने उच्च पदाधिकारियों का सहयोग मांगते हुए कार्यों को अंजाम तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
  • वहीं जिला सचिव धनबाद शांतनु बनर्जी ने सोशल मीडिया पर संगठन को अधिक से अधिक राय मशवरा करने की बात कही। उन्होंने कहा की अपनी निजी हित से ऊपर उठकर संगठन के लिए निश्चित कुछ समय अवश्य निकालें।
  • हजारीबाग जिला सह-सचिव रोहित कुमार ने कहा की बातों की हवा बाजी ना करके जमीनी स्तर पर काम करें तो लक्ष्य अवश्य मिलेगा। हर मुद्दे पर काम करें तो एक बार फिर हमारी कोशिश से भारत विश्व पटल पर विश्व गुरु बनकर उभरेगा।
  • मान्डर के पूर्व प्रमुख बुधवा उरांव ने ब्यूरो के मनोवल को बढ़ाते हुए कहा की आज सभी पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र का जिम्मेदारियां दी गई है। आप अपने दायित्वों को कर्तव्य समझते हुए निर्वहन करें। आप ऐसा काम करें जो समाज के लिए दर्पण बन जाय।

मौके पर रांची, खूंटी, धनबाद, हजारीबाग, गिरिडीह, लातेहार सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों को राष्ट्रीय व प्रदेश के उच्च पाधिकारियों के हाथों से मनोनयन पत्र दिया गया।

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