रन-ए-थॉन के दूसरे संस्करण में दौड़े हजारों लोग

संतोष वर्मा

चाईबासा: टाटा स्टील ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स नोआमुंडी में नोआमुंडी रन-ए-थॉन के दूसरे संस्करण का आयोजन किया। इस साल रन-ए-थॉन ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) की यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) पहल से अपना थीम लिया है।

“रन फॉर बायोडायवर्सिटी“ विषय पर इस साल के रन-ए-थॉन में 6209 लोगों ने पंजीकरण कराया था। झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और बिहार के धावक इस दौड़ में हिस्सा लिया।

रन-ए-थॉन में पुरुषों और महिलाओं के लिए 10 व 7 किलोमीटर की दौड़ थी, जबकि स्कूलों और कॉलेजों के 16 साल से कम उम्र के लड़के-लड़कियों के लिए 5 किलोमीटर तथा दिव्यांगों (पीडब्ल्यूडी) के लिए विशेष 2 किलोमीटर की दौड़ थी।

इवेंट का उद्घाटन चाणक्य चौधरी, अरुण मिश्रा, मनीष मिश्रा, कुलवीन सूरी और पूनम चौधरी ने किया। चाणक्य चौधरी ने कहा कि नोआमुंडी रन-ए-थॉन के दूसरे संस्करण में उत्साह और इतनी बड़ी भागीदारी देख कर मैं काफी अभिभूत हूँ। टाटा स्टील का मानना है कि खेल जीवन का एक तरीका है और मुझे खुशी है कि इस इवेंट ने समुदाय के साथ एक मजबूत संबंध स्थापित किया है। रन-ए-थॉन के इस संस्करण का विषय यूएनडीपी द्वारा निर्धारित स्थिरता लक्ष्यों के अनुरूप है और जैव विविधता और स्थायित्व की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मनीष मिश्रा ने कहा की यह देखकर खुशी हो रही है कि नोआमुंडी और इसके परिधीय गांवों के आसपास के समुदाय ने नोआमुंडी रन-ए-थॉन को अपना कार्यक्रम के रूप में स्वीकार किया और जैव विविधता के हित के लिए बड़ी संख्या में आगे आये। दौड़ के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ से प्रतिस्पर्धा करने के लिए इस इलाके के युवा धावकों की प्रतिभा को भी अवसर प्रदान किया है। इस क्षेत्र के लोगों से मिले उत्साहपूर्ण समर्थन बहुत उत्साहजनक है और मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूँ जिन्होंने इस खेल आयोजन को एक बड़ी सफलता बनाने में संपूर्ण सहयोग और योगदान दिया।

10 किमी (पुरुष) के विजेता ने दौड़ 31.25 मिनट में पूरी की, जबकि 10 किलोमीटर (महिला) की विजेता ने दौड़ 37.17 मिनट में संपन्न किया। 7 किलोमीटर (पुरुष) के विजेता ने दौड़ 22.29 मिनट में पूरी की, जबकि 7 किलोमीटर (महिला) की विजेता ने दौड़ 27.11 मिनट में पूरी की। 5 किलोमीटर (लड़के) के विजेता ने दौड़ पूरी करने में 17.28 मिनट का समय लिया, जबकि 5 किलोमीटर (लड़कियों) की विजेता ने 21.23 मिनट में दौड़ पूरी की।

दिव्यांगों की श्रेणी में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों को अलग पुरुस्कार और इस श्रेणी के सभी धावकों को पुरस्कार प्रदान किया गया।

कल के लिए अपनी प्रतिबद्धता और दृष्टि को प्रतिबिंबित करते हुए टाटा स्टील के नोआमुंडी रन-ए-थॉन ने न केवल दौड़ के मार्ग में जैव विविधता के विभिन्न रूपों को प्रदर्शित करने का प्रयास किया, बल्कि स्थिरता की अवधारणा पर कर्मचारियों, स्थानीय समुदायों और अन्य स्टेकहोल्डरों को भी संवेदनशील बनाया।

नोआमुंडी अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए जाना जाता है और टाटा स्टील ने क्षेत्र की सुंदरता बहाल करने में सक्रिय रूप से योगदान दिया है। नोआमुंडी आयरन माइन ने पूर्व में इस क्षेत्र की जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। जैव विविधता को खेलों को जोड़ने के लिए यह नोआमुंडी आयरन माइन की एक अन्यान्य पहल है।

कार्यक्रम में गोपी उरांव सर्किल ऑफिसर, नोआमुंडी, एच रवि एसडीपीओ किरीबुरु, नितिन कुमार सिंह आईआईसी, नोआमुंडी, धमेंद्र उपाध्याय वाईस चेयरमैन स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमिटी टाटा स्टील और बगीचा सिंह अर्जन पुरस्कार विजेता आदि भी उपस्थित थे।

स्थानीय निवासियों नोआमुंडी और जोडा के परिधीय गांवों के लोग टाटा स्टील के कर्मचारियों, उनके परिवारों और विभिन्न विद्यालयों और संस्थानों के विद्यार्थियों की भारी भीड़ ने रास्ते में खड़े होकर धावकों की हौसला अफजाई की।

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