“कोशिश” एक सामाजिक पहल

रांची: एमिटी विश्वविद्यालय झारखंड, परिवार के प्रयास से सामाजिक उत्तरदायित्व नामक “कोशिश” का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य था जरूरतमंदों के बीच गर्म कपड़े प्रदान करके उनके चेहरे पर मुस्कुराहट लाना।
लोग आमतौर पर कहते हैं कि हजारों लोग ठंड से मर जाते हैं, लेकिन हम कहते हैं कि वे ऊनी कपड़े की कमी के कारण मर जाते हैं। गरीब और असहाय लोग फुटपाथ और सड़क के किनारे रगड़ते हैं फिर ठंड से मर जाते हैं। ये गरीब लोग ठंडे तरंगों के दौरान एक-दूसरे के करीब सोते हैं लेकिन ऐसी परिस्थितियों में कंबल या रजाई के बिना कोई कैसे सो सकता है…?

वे पूरी रात ठंडी हवा के कारण कंपकंपाते हैं। वृद्ध लोग इन तरंगों से मर जाते हैं। ऐसे में यह कार्यक्रम एक सीख़ है, उनके लिए जो इन ज़रूरतमंदों के बीच आकर उनके दुःख-सुख को बांटे।
बीबीए और बी.ए (अंग्रेजी विभाग) के छात्रों द्वारा आयोजित कार्यक्रम सफलतापूर्वक एमिटी विश्वविद्यालय झारखंड के संकाय और छात्रों की सक्रिय भागीदारी और सामाजिक सोच के साथ समाप्त हुआ।
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