आप चिकित्सक धरती के भगवान, अपने कर्म से खुद को संतुष्ट करें: रघुवर

गरीब मरीजों की उम्मीद हैं आप
रांची: रिम्स में आज यानि रविवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अनोखी पहल की और धरती के ईश्वर माने जाने वाले चिकित्सकों से बात कर उनकी समस्या सुनी और उसे दूर करने की बातें भी कहीं। उन्हें राष्ट्रहित में समर्पण का भाव भी जगाने का प्रयास किया। कहा कि आप चिकित्सकों को गरीब जनता भगवान का दर्जा देती हैं। कुछ कर्म और कर्तव्य पैसे से बढ़कर सेवा के लिए होते हैं। आपको अपने कर्म और कर्तव्य से किसी दूसरे को नही, खुद को संतुष्ट करना है। दुनिया क्या कह रही है ? इसकी परवाह न करें। सीएम रिम्स के नवनिर्मित ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों और शिक्षकों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे।
आप जिस सरकारी अस्पताल में कार्य करते हैं, वहां गरीब आते हैं। आपका सम्मान सुरक्षित रहेगा। सरकार की मंशा आपके सम्मान को ठेस पहुंचाने की नहीं। आप बेहतर काम करें। नीति आयोग ने भी माना है कि झारखंड स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से कार्य करने वाला राज्य है। संयुक्त राष्ट्र ने भी अपने रिपोर्ट में बताया कि भारत में गरीबी कम हुई है और पूरे देश में झारखण्ड गरीबी उन्मूलन में अव्वल राज्य है। संयुक्त राष्ट्र के 10 मानकों में स्वास्थ्य भी एक मानक है। इसमें आपके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
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67 साल में झारखंड में सिर्फ 3 मेडिकल कॉलेज थे। 2014 के बाद 5 साल के कार्यकाल में वर्त्तमान सरकार ने 5 मेडिकल कॉलेज निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब मरीजों की उम्मीद हैं आप। आप सभी पर बड़ी जिम्मेवारी है। आपसे ढेरों अपेक्षायें लेकर मरीज रिम्स आते हैं। ऐसे में आपका अनुपलब्ध रहना मरीजों को पीड़ा देता है। सभी से अनुरोध व अपेक्षा है कि आप निर्धारित अवधि तक अपना कार्य करें। सरकार का मानना है कि रिम्स में कुछ व्यवस्थाओं में कमी है, लेकिन हमारे इरादों में नहीं। निजी प्रैक्टिस बंद होना चाहिए। आपका हक आपको जरूर मिलेगा।
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मुख्यमंत्री के समक्ष कई शिक्षकों व चिकित्सकों ने अपनी समस्याओं को साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी समस्याओं का समाधान एक माह में होगा। सभी फैसले गवर्निंग बॉडी की बैठक में ली जाएगी। खाली पदों के विरुद्ध रिम्स में नियुक्तियां हुई हैं। जल्द अन्य रिक्त पदों पर नियुक्ति का प्रयास होगा। जिन कार्यों में समय लगेगा वह मैं स्पष्ट कर दूंगा। क्योंकि मैं झूठ बोलने के लिए मुख्यमंत्री के पद पर आसीन नहीं हुआ हूं। कहा कि आजादी के बाद से स्वास्थ्य के क्षेत्र में रिसर्च पर ध्यान नहीं दिया गया। हम दूसरों के पदचिन्हों पर चलते रहें, लेकिन हमारे मौजूदा पीएम ने रिसर्च पर ध्यान दिया है, ताकि नए तरह की बीमारियों का इलाज सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार भी रिसर्च हेतु आने वाले बजट में प्रावधान करेगी, इससे समाज लाभान्वित होगा।
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