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इजराइल से लौटे किसान कहा, लाएंगे हरित क्रांति

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गौरव गुप्ता

बगोदर: इजराइल से उन्नत खेती करने का प्रशिक्षण लेकर लौटे बगोदर प्रखंड के तुकतुको के किसान कुमार विवेकानंद ने समृद्ध झारखंड से अपने अनुभवों को साझा किया और यहां के किसानों को प्रशिक्षण देने की मुहिम का श्री गणेश भी कर दिया है।

बता दें कि बगोदर से सिर्फ कुमार विवेकानंद का ही इजरायल में कृषि प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया था। बातचीत में उन्होंने कहा कि इजराइल में खेती करने के तरीके काफी सरल हैं। कम पानी में भी अच्छी खेती की जा सकती है। इसेे हमे अपनाने की जरूरत हैं। वहां के किसान अपनी खेती को ही आय का जरिया बनाकर चल रहे हैं। वे अपनी फसलों को बाजार की निर्धारित दर पर ही बेचते हैं जिससे उन्हें मुनाफा अधिक होता है।

जैविक खाद का प्रयोग आर्थिक उन्नति के द्वार खोलेगा

विवेकानंद ने मुख्य रूप से बताया कि ड्रिप इरिगेशन सिस्टम के तहत खेती से किसानों के खेतों में क्रांति आती है। बताया कि इस पद्धति से प्रखंड के विभिन्न गावों में एक शिविर के माध्यम से किसानो को प्रशिक्षण देने का काम आरंभ किया जाएगा। कहा कि ड्रिप इरिगेशन सिस्टम के तहत जैविक खाद का प्रयोग कर किसान सालो भर खेती कर सकते हैं, वहीं इसे लेकर किसानों को सरकार की तरफ से 90 प्रतिशत अनुदान पर इस मशीन को दिया जाता है। इससे किसान इस विधि को अपनाकर खेती के माध्यम से अपनी आर्थिक हालत मजबूत कर सक सकते हैं।

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समूह में खेती करने से मिलता है अधिका मुनाफा

उन्होंने बताया कि किसान अपने समूह में खेती कर सकते हैं, जिससे पूरे समूह के किसानों को इसका लाभ मिलेगा। इसके साथ ही समूह से जुड़े किसान मार्केटिंग को भी समझ सकते हैं। इसे लेकर अभी प्रखंड के छह किसानों को ड्रिप इरिगेशन सिस्टम के तहत काम तुकतुको के दो किसान, मुंडरो के एक किसान, अटका के एक किसान को तरीके बताये गए।

सिर्फ फसलों तक पटवन करने की जरूरत…

विवेकानंद ने बताया कि इजराइल ऐसा देश है, जहां कम पानी अच्छी खेती की जाती है। इसके लिए हमें सबसे पहले जहां हम फसल लगाते हैं, हमें फसलों तक ही सिंचाई की आवश्यक्ता है। न कि पूरे खेत में सिंचाई की जरूरत है। इससे हम पानी के कम खर्च में पैदावार करते हैं, इसे लेकर यहां के किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अपने खेतों में कम पानी में जैविक खाद से किसान अपने खेतों, बारी या फिर छत पर भी इसका उपयोग कर सकते हैं, जिसमें सब्जी में शिमला मिर्ची, बैंगन, टमाटर, भिंडी, समेत अन्य कई प्रकार के फल भी उपजा सकते हैं। फलों में अनार, कैला, खट्टे फल उपजा सकते हैं। इन फसलों के उत्पादन में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम के तहत पानी की कम खर्च में पैदावार किया जा सकता है।

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