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कटकमसांडी के डिबलबांध में जतरा मेला का हुआ भव्य आयोजन

पद्मश्री मुकुंद नायक के गीतों पर खूब थिरके सदर विधायक के पांव, मांदर पर भी जमकर लगाया थाप

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हजारीबाग: कटकमसांडी प्रखंड के पंचायत शाहपुर स्थित ग्राम डिबलबांध सरना अखाड़ा स्थल में सरना समिति आदिवासी कुटुम्ब जतरा मेला का भव्य आयोजन भाजपा नेता प्रदीप प्रसाद के सहयोग से प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंगलवार को आयोजित किया गया। आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि सदर विधायक मनीष जायसवाल और विशिष्ट अतिथि आशीष प्रसाद, स्थानीय जिप सदस्य विजय सिंह भोक्ता, सदर पूर्वी ज़िप सदस्य कौलेश्वर रजक, अधिवक्ता प्रकाश झा, विधायक प्रतिनिधि किशोरी राणा सहित कई लोग उपस्थित हुए।
प्रकृति का प्रतीक हरे रंग का फीता काटकर जतरा मेला का विधिवत उद्घाटन किया। सदर विधायक श्री जायसवाल सहित का अन्य अतिथियों के यहां पहुंचने पर स्थानीय समिति के लोगों ने अनोखे अंदाज में पारंपरिक वाद्ययंत्र और वेशभूषा से लिप्त होकर पारंपरिक आदिवासी रीति- रिवाज से नृत्य- संगीत के जरिए अनोखे अंदाज में भव्य स्वागत किया । तत्पश्चात जतरा स्थल पर मुख्य कलाकार के रूप में उपस्थित झारखंड के प्रख्यात भारतीय कलाकार पद्मश्री संगीत नाट्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित लोकगायक, गीतकार और नर्तक मुकुंद नायक ने अपनी टीम के साथ रंगारंग सांस्कृतिक झूमर नृत्य का कर उपस्थित लोगों को नाचने और झूमने को मजबूर कर दिया।
मुकुंद नायक के झूमर संग सदर विधायक मनीष जायसवाल भी झूम उठे। ढोल, नगाड़े और मांदर की गड़गड़ाहट के बीच अपने पैरों के थिरकन को रोक ना सके। सदर विधायक मनीष जायसवाल घंटों तक कलाकारों और स्थानीय लोगों के साथ झूमर नाचते नजर आए। नगाड़े पर भी जमकर थाप लगाया। मौके पर विधायक श्री जायसवाल ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन से जुडा आदिवासी समुदाय का अपना एक अलग पारंपरिक रीति-रिवाज है। आपकी संस्कृति ही आपकी पहचान है। खेती- बारी के कार्यों से निपटने के बाद मन को सुकून और शरीर का थकान दूर करने हेतु उल्लास और उमंग के साथ जतरा मेला का आयोजन किया जाता है।
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 उन्होंने कहा कि जतरा मेला जहां मनोरंजन का साधन है, वहीं अपनी पारंपरिक संस्कृति को जीवंत रखने का एक वृहत माध्यम भी है। आज हम अपनी संस्कृति को भुलाकर पाश्चात्य संस्कृति को तेज़ी से अपना रहे हैं, लेकिन हमारी संस्कृति, हमारी विरासत ही हमारी पहचान है। इससे कभी भी दूर नहीं जाना चाहिए। भाजपा नेता प्रदीप प्रसाद को भी इस कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से वे अनुपस्थित रहे। लोक गायक पद्मश्री मुकुंद नायक ने कहा कि हमारे समाज में दिन भर की थकान के बाद संध्या बेला को सभी लोग गांव के अखाड़े में एक साथ जुटते थे। नाच- गान के साथ अपनी एकता- अखंडता को बरकरार रखते हुए मनोरंजन करते थे, लेकिन धीरे-धीरे या परंपरा टूटने लगी है। विशेषकर युवा पीढ़ी पश्चात संस्कृति की ओर अधिक हावी हो रहा है। अपनी पहचान को मिटाकर हम कभी भी काबिल नहीं हो सकते हैं।
जतरा मेले में भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमडी। मेले में ठेले, खोमचे और मिठाई की अनेकों दुकानें सजी थी। मौके पर विशेष रूप से भाजपा पश्चिमी मंडल अध्यक्ष रीतलाल यादव, स्थानीय मुखिया प्रेमचंद प्रसाद, बाझा मुखिया लिलो सिंह भोक्ता, ढोठवा मुखिया शेर मोहम्मद खान, डाटो मुखिया सुंदर मुंडा, मुखिया प्रतिनिधि रिंकू रजक, हलधर यादव, अरविंद यादव, नरेश मेहता, अजय पांडेय, पारसनाथ प्रसाद, शिशुपाल सिंह, सरयू सिंह, गंगाधर पांडेय, बालदेव प्रजापति, प्रदीप यादव, दुर्जय प्रसाद, कृष्ण सिंह भोक्ता, रूपदेव यादव, मनोज वर्मा, संजय मेहता, राजेश यादव, चंदन सिंह, भजन साव, भास्कर राय, गोल्डी जैन, सतीश कुमार, संजू सिन्हा, मणिकांत सिंह, विक्रमादित्य, विधायक मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित कई लोग मौजूद रहे।

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