Samridh Jharkhand
Fastly Emerging News Portal from Jharkhand

मुख्यधारा में लौटने वाला नक्सली चुनाव क्यों नहीं लड़ सकता !

0 10

- Sponsored -

- sponsored -

ज्योति चौहान

मुख्यधारा में आने का आवाह्न करके ही तो उन्हें समर्पण करने को कहते हैं। उनकी इनामी राशि तो आप दे भी नहीं पाते। फिर चुनाव में क्यों हो हल्ला करने लग जाते हो। नक्सल या नक्सल परिवार का कोई व्यक्ति चुनाव लड़ेगा, क्या बुराई है ? अगर वो मुख्यधारा की ओर लौट आया है, तो चुनाव क्यों नहीं लड़ सकता ? उसे देश के कानून पर भरोसा था तभी तो वो आत्म समर्पण किया। वरना उसने तो कफन ही बांध रखी थी।

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

जी, मैं बात कर रही हूं, चुनावी माहौल की। जो इस ठंड में भी गर्मी का अहसास करा रही है। जहां राजनेता टिकट-टिकट का खेल खेल रहे हैं। वहीं कुछ कैदी भी जेल से ही चुनाव लड़ने को लेकर कोर्ट से इजाजत मांगा है, जो इन्हें मिल चुकी है। मैं बात कर रही हूं राजा पीटर की। जो पूर्व विधायक रमेश सिंह मुंडा की हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं। इधर कुख्यात पूर्व नक्सली कुंदन पाहन ने भी कोर्ट से मांग की है कि उसे चुनाव लड़ने की इजाजत मिले। कुंदन को भी तमाड़ के पूर्व विधायक रमेश सिंह मुंडा हत्या के आरोप में ही सजा मिली है। इस पर दर्जनो केस दर्ज है। 2017 में कुंदन ने आत्म समर्पण किया था।

आपको याद दिला दूँ, कि झारखंड विधानसभा में आत्म समर्पण करके आए पूर्व नक्सली पौलुस सुरीन तोरपा विस से और विशुनपुर से चमरा लिंडा चुनाव लड़कर विधायक बने और आज भी अनव्रत हैं। इनके पहले भी एक ऐसा नाम जिससे पूरा देश दुनिया परिचित है, और वो नाम कोई और नहीं बल्कि तकदीर की मारी फूलन देवी थी। फूलन, जिन्होने आत्मसमर्पण किया और राजनीति में आई। साथ ही राजनीति मे एक नई दिशा दे डाली।

खैर जब सरकार और प्रशासन ने नक्सलियों को मुख्यधारा में आने का निमंत्रण ही देकर आत्मसमर्पण करवाया है तो राजनीति में इनके आने से क्या फर्क पड़ेगा ? ये तो समाज को एक अच्छा संदेश दे रहें है। फिर ये हो हल्ला.., उन्हें क्यों छल रहा है ? बहरहाल इतना तय है कि यदि पूर्व नक्सली और नक्सल परिवार को राजनीति में आने दिया जाएगा तो युवाओं को भी इस ओर आने की प्रेरणा मिलेगी। कुछ ऐसे नामों को लेकर प्रेस, मीडिया, राजनीति दलो में हड़कम मच गई है। यह हमारे लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -