सच में होते थे जापान के ‘जल दानव’? फुकुशिमा में समुद्री जीव की डरावनी ममी वायरल
फुकुशिमा में मिली अजीब ममी ने मचाया हड़कंप, वैज्ञानिक भी हैरान
वाइरल न्यूज: फुकुशिमा प्रांत के एक जर्जर पुराने घर की सफाई के दौरान एक ऐसी वस्तु मिली, जो देखने वालों के रोंगटे खड़े कर देती है। यह ममीकृत कंकाल आधा इंसान और आधा मछली जैसा नजर आता है – तेज दांतों की लंबी पंक्तियां, विशालकाय पंजे जैसे हाथ, लंबी पूंछ और खोपड़ी पर उभरी हड्डियां। जापानी लोककथाओं में वर्णित कप्पा नामक जल राक्षस से इसकी शक्ल बिल्कुल मिलती है, जिसकी वजह से यह खोज सुर्खियों में आ गई। स्थानीय लोग इसे असली योかい मान रहे हैं, जो सदियों पुराना रहस्य खोल सकता है।![]()
घर के मालिक ने बताया कि यह अवशेष घर में दशकों से पड़ा था, लेकिन हाल ही में सफाई के दौरान सामने आया। कंकाल की हालत इतनी सटीक है कि वैज्ञानिक भी हैरान हैं – हड्डियां सटीक जोड़ी हुईं, त्वचा सूखकर चमड़े जैसी हो चुकी है। कप्पा को जापान की यो श्रेणी का प्रमुख प्राणी माना जाता है, जो नदियों-झीलों में छिपकर इंसानों और घोड़ों को पानी में घसीट ले जाता था। इसकी सबसे खास पहचान सिर के ऊपर का गड्ढा होता है, जो पानी से भरा रहता है और शक्ति का स्रोत माना जाता है।
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कप्पा लोककथा का खौफनाक इतिहास
जापान के ग्रामीण इलाकों में कप्पा की कहानियां 17वीं सदी से प्रचलित हैं। शुरू में इसे खूंखार राक्षस बताया गया, जो शिकार को खींचकर डुबो देता। बाद की कथाओं में यह हरा, छायादार त्वचा वाला शरारती जीव बन गया, जो खीरे (क्या भी पसंद करता और बदले में ज्ञान बांटता। किसान इसे जल देवता मानकर पूजते थे, लेकिन इसका क्रूर रूप आज भी दहशत पैदा करता है। यह ममीकृत नमूना ठीक वैसा ही दिखता है – मानव जैसा चेहरा, मछली जैसी निचली देह।
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विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह 300-400 साल पुराना हो सकता है। कुछ इसे प्राचीन कला या धार्मिक वस्तु मानते हैं, तो कुछ प्राकृतिक मछली-प्राणी संकर। लेकिन लोकप्रिय धारणा यही है कि यह कप्पा का वास्तविक अवशेष है। फुकुशिमा के योनेज़ावा शहर में इसे सिटी सिटिजन्स गैलरी में प्रदर्शित किया गया, जहां लोग इसे देखने उमड़ पड़े।
नीलामी की तैयारी और कीमत का अनुमान
प्रदर्शनी के बाद यह दुर्लभ वस्तु 28 और 29 मार्च को ओशू रेयर ट्रेजर्स मार्केट में नीलामी के लिए उतरेगी। आयोजकों ने इसकी शुरुआती कीमत 11,755 पाउंड (लगभग 14 लाख रुपये) तय की है। नीलामी में विदेशी खरीदार भी रुचि दिखा रहे हैं, क्योंकि यह जापानी संस्कृति का अनोखा प्रतीक है।
ऐसी वस्तुओं की नीलामी पहले भी हो चुकी है, जैसे 2023 में एक अन्य 'मरमेड ममी' की जांच हुई थी। लेकिन फुकुशिमा वाला यह कंकाल सबसे भयानक और सटीक माना जा रहा। अगर बिक गया, तो यह निजी संग्रह में चला जाएगा, वरना संग्रहालयों तक पहुंच सकता है।
