Ranchi Cricket Ticket Scam: JSCA अधिकारी कटघरे में; अर्जुन मुंडा ने पारदर्शिता पर सवाल उठाए
रांचीः रांची में हुए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच के टिकटों की कालाबाजारी कोई छिपी हुई बात नहीं है। मैच से एक दिन पहले, रांची पुलिस ने मैच के टिकटों की कालाबाजारी के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी और अवैध बिक्री में शामिल तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। लेकिन इस कालाबाजारी के असली सरगना तो जेएससीए के अंदर बैठे हैं। इन पर अभी पुलिस ने हाथ नहीं डाला है। स्पष्ट है कि टिकट किसी न किसी माध्यम से ही बाहर आये हैं। अब इन टिकटों को जेएससीए के किस सदस्य ने कालाबाजारी के लिए उपलब्ध कराया है, यह जांच लेना कोई कठिन काम नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी एक सोशल मीडिया पोस्ट पर यह सवाल उठाया था। सोशल मीडिया में इस मैच के टिकटों के मनमाने वितरण पर भी कई सूचनाएं सामने आयी हैं। मजेदार बात यह है कि प्रेस वालों के लिए जो पास निर्गत किये गये थे, वे भी असली पास धारकों तक नहीं पहुंचे। इसके लिए दो खास पदाधिकारियों का नाम सामने आया है, जिन्हें इन पासों को बांटने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। इनमें से एक पूर्व क्रिकेट कोच जयकुमार सिन्हा हैं, जिनके बारे प्रेस के लोगों ने पुष्टि कर दी है कि पास के आवंटन की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। दूसरा नाम संजय पांडेय का आया है, जिनके बारे में जेएससीए के लोग बता रहे हैं कि मीडिया के पास कहां और कितने दिये जाएंगे, यह फैसला उनका था।

उनके बयानों के आधार पर, पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें विशाल चिक्की, जितेंद्र जायसवाल, अमित टोबो, संतोष कुमार, ऋतिक सिंह, मनीष कुमार और सुमित सहित 10 और व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। बाकी आरोपियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। जेएससीए स्टेडियम के आसपास के क्षेत्रों में कालाबाजारी की शिकायतें बढ़ रही थीं। प्रशासन द्वारा पहले चेतावनी जारी किए जाने के बावजूद, कई क्रिकेट प्रशंसकों को कथित तौर पर बढ़ी हुई दरों पर टिकट खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
